लौकी के जूस के 10 फायदे और नुकसान Bottle Gourd Benefits and Side Effects

लौकी एक उच्च पानी की मात्र वाली सब्जी है और विटामिन सी, के और कैल्शियम का एक समृद्ध स्रोत है। यह स्वस्थ दिल को बनाए रखने में मदद करता है और खराब कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करता है। रस मधुमेह रोगियों के लिए भी फायदेमंद है क्योंकि यह रक्त शर्करा के स्तर को स्थिर करता है और रक्तचाप को बनाए रखता है। जानिये लौकी का रस पीने के फायदे और कम इसे नहीं पीना चाहिए।

लौकी को घिया या दूधी के नाम से जानते हैं। इसे अंग्रेजी में बोटल गौर्ड कहते हैं और करेले परिवार की सब्जी है।

आजकल लौकी के जूस के बारे में काफी जागरूकता बढ़ी है। लौकी के जूस के अनेकों स्वास्थ्य लाभ हो सकते हैं। इसमें पानी की उच्च मात्रा होती है। साथ ही यह विटामिन सी, के और कैल्शियम का एक समृद्ध स्रोत है।

लौकी का रस स्वस्थ दिल को बनाए रखने में मदद करता है और खराब कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करता है। रस के रूप में यह रक्त शर्करा के स्तर को स्थिर और रक्तचाप को बनाए रखता है और इसलिए यह मधुमेह के रोगियों के लिए फायदेमंद है।

लौकी के रस को लोग वजन घटाने के लिए भी इस्तेमाल करते हैं। इसमें विटामिन, पोटेशियम और होता है और यह आपकी भूख को कम करने में मदद करता है। इसे सुबह लोग खाली पेट पीते हैं जिससे शरीर पर जमी चर्बी कम हो।

दुर्लभ मामलों में लौकी का जूस घातक हो सकता है। यह तब होता है जब लौकी कडवी होती है। कुछ परिस्थियों जैसे ज्यादा तापमान, कम पानी, कम मिट्टी की उर्वरता और अम्लीय मिट्टी में उगी लौकी में बड़ी मात्रा में क्यूक्रबिटैसिन्स tetracyclic Triterpenoid Cucurbitacin होते हैं जो स्वास्थ्य के लिए घातक है।

अत्यधिक कड़वी लौकी के रस पीने से जान चली जाती है। लौकी का रस पीने के बाद कुछ लोग पेट दर्द और उल्टी के बारे में शिकायत करते हैं। लौकी में कुछ यौगिक हो सकते हैं जिससे कुछ मामलों में एलर्जी हो सकती है।

लौकी को पीने से पहले यह ध्यान देना चाहिए कि लौकी कडवी नहीं हो। अत्यधिक कड़वी लौकी में कुकुर्बिटासिन नामक पदार्थ की अधिकता होती है। इससे गर्भाशय, उल्टी, गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल रक्तस्राव, और हाइपोटेंशन हो सकता है और इंटरनल ब्लीडिंग से जान जा सकती है।

लौकी जूस के फायदे हिंदी में

लौकी जूस को मधुमेह मेलिटस, उच्च रक्तचाप, पेट फूलना, शीतलन, यकृत रोग, वजन घटाने और अन्य संबंधित लाभों के इलाज के लिए लेने की सलाह दी जाती है। लौकी जूस में पानी बहुत मात्रा में होता है साथ ही इसमें फाइबर भी होता है।

विटामिन सी, के और कैल्शियम होने से यह इन तत्वों की कमी को दूर करता है। यह एक स्वस्थ दिल को बनाए रखने में मदद करता है और खराब कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करता है।

रस के रूप में यह रक्त शर्करा के स्तर को स्थिर और रक्तचाप को बनाए रखता है भी मधुमेह के रोगियों के लिए फायदेमंद है।

लौकी मधुमेह मेलिटस, उच्च रक्तचाप, यकृत रोग, वजन घटाने और अन्य संबंधितरोगों में लाभप्रद है।

वजन घटाने में फायदेमंद

लौकी जूस में कोई वसा नहीं होती। इसमें कम कैलोरी होती है। 100 ग्राम में 15 कैलोरी होती है । इसकी पानी की सामग्री 96% है। इसमें विटामिन सी, विटामिन बी, विटामिन के, विटामिन ए, विटामिन ई, आयरन, फोलेट, पोटेशियम और मैंगनीज जैसे आवश्यक विटामिन और खनिज भी पाए जाते है। यह भूख सही से लगने में मदद करता है। लौकी के जूस में फाइबर की उच्च मात्रा होती है जिससे पेट ठीक से साफ़ हो जाता है।

ह्रदय को रखे स्वस्थ्य

लौकी जूस को पीने से खून में कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में मदद होती है और स्वस्थ हृदय कार्यों को बल मिलता है। इसमें सोडियम, पोटेशियम, आवश्यक खनिजों और ट्रेस तत्व भी शामिल हैं, जो रक्तचाप को नियंत्रित करते हैं और हृदय रोगों के जोखिम को रोकते हैं। सुबह खाली पेट लौकी का जूस पिए और दिन अच्छा बनाएं।

डायबिटीज में फायदेमंद

दैनिक आहार में लौकी जूस लेने से रक्त शर्करा के स्तर को कम करने में मदद मिलती है। रोजाना एक गिलास लौकी का रस पीने से मधुमेह के मरीजों के लिए बेहद फायदेमंद साबित हो सकता है।

कब्ज़ को रोके

लौकी जूस में पानी और फाइबर होता है। जिससे आंते साफ़ होने सहयोग होता है। पेट साफ़ हो इसके लिए ज़रूरी है शरीर में पानी की सही मात्रा जिससे स्टूल ढीला रहे और फाइबर जिससे वेस्ट आँतों में चिपके नहीं। लौकी में फाइबर भी है और पानी भी जिससे यह कब्ज़ में उपयोगी है।

ठंडा रखे शरीर को

लौकी रस पीने से शरीर में ठंडक आती है। इसे गर्मियों में पीने से गर्मी के कारण से होने वाले रोगों में फायदा होता है। लौकी के जूस से नाक से खून बहने, मुंह या अल्सर जैसी किसी भी प्रकार की गर्मी से संबंधित बीमारी में फायदा होता है। लौकी रस में पानी की अधिक मात्रा होती है जिस पीने से शरीर हाइड्रेटेड रहता है। इस रस को पीने से शरीर में इलेक्ट्रोलाइट की कमी भी दूर होती है।

पेशाब की जलन करे कम

गर्मी में पेशाब का इन्फेक्शन होने का रिस्क ज्यादा होता है। पेशाब में इन्फेक्शन होने से पेशाब ठीक से नहीं आता, और बढ़ी जलन दर्द होता है।

तनाव को करे कम

लौकी रस में अच्छी मात्रा में कोलाइन होता है जो क प्रकार का न्यूरोट्रांसमीटर है और मस्तिष्क के कार्यों में सुधार करने में मदद करता है और तनाव , अवसाद और अन्य मानसिक विकार। सुबह खाली पेट यह रस पियें।

खून में एसिडिटी कम करे

लौकी रस एक क्षारीय के रूप में कार्य करता है और शरीर में एसिड को कम करता है। इसे पीने से ठंडक आती है और शरीर में जलन कम होती है।

मांसपेशियों को दे ताकत

मांसपेशियों को काम करने के बाद पोषण और आराम की आवश्यकता होती है। लौकी रस लेने से मांसपेशियों की त्वरित वसूली में सहायता होती है, क्योंकि इसमें पोटेशियम और एंटीऑक्सीडेंट होते हैं जो आपकी मांसपेशियों को पोषण और आराम दे सकते हैं।

पाचन में करे मदद

लौकी का जूस पाचन में भी मदद करता है। लौकी के जूस में पानी, फाइबर और क्षार सामग्री होती है जिससे एसिडिटी की समस्या में फायदा होता है और आँतों की सफाई होती है। यदि कब्ज़ नहीं रके और पेट ठीक से साफ़ हो तो भूख भी ठीक से लगती है।

लौकी का जूस कब पीना चाहिए

लौकी के रस का रस हमेशा ताजा पिया जाना चाहिए। अकेले लौकी को रस लें और इसमें अन्य सब्जियों को मिक्स नहीं करें। इसे सुबह खाली पेट लें।

लौकी का जूस कैसे बनाया जाता है

लौकी का जूस बनाने का तरीका नीचे दिया जा रहा है:

सबसे पहले लोकी धो लें, इसे छील लें।

लौकी का एक छोटा टुकड़ा काटे और इसका स्वाद लें जिससे यह सुनिश्चित हो सके की या लौकी कडवी नहीं है। अगर यह कडवी है तो इसे तुरंत कूड़े में फेंक दें। कोई रिस्क नहीं लें। कडवी लौकी के अल्कोलोइड से इंटरनल ब्लीडिंग होती है और जान जा सकती है। कडवी लौकी जहर है।

  • लौकी के काटे हुए टुकड़े फ़ूड प्रोसेसर के ग्राइंडर जार में डाल दें।
  • ग्राइंडर में इसे पीसे और मिले हुए पल्प को छान लें। छानने के लिए साफ़ कपड़े का इस्तेमाल करें और अच्छे से दबाएँ।
  • जूस को गिलास में इकठ्ठा करें और पी लें।
  • जब पीना हो तभी रस निकालें।
  • चाहे तो जूस में अदरक का रस, नीम्बू का रस मिला सकते हैं।

लौकी का जूस के संभावित साइड इफेक्ट्स

कुछ लोगों में कच्ची सब्जी पेट और पाचन तंत्र की समस्या कर सकती है।

ध्यान दें, कडवी लौकी के रस से जान जा सकती है इसलिए कभी भी कडवी लौकी का सेवन किसी भी तरीके से नहीं करें।

यदि रस पीने के बाद कोई असुविधा जैसे मतली, उल्टी, दस्त, गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल रक्तस्राव या अस्वस्थता की कोई भावना हो, तो व्यक्ति को तुरंत पास के अस्पताल ले जाया जाना चाहिए।

लौकी क कड़वापन ले सकता है जान

अत्यधिक कड़वी लौकी के रस को पीने के बाद कई लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें से तीन व्यक्ति जिनकी उम्र 59 वर्ष से अधिक थी और मधुमेह था, ने ताज़ा लौकी का जूस रस करेले के जूस में मिलाकर पीया था। यह रस तीनों के द्वारा ही बेहद कड़वा बताया गया था।

ताजा तैयार लौकी के रस को पीने के बाद पेट के दर्द और उल्टी की शिकायत पर देश के विभिन्न अस्पतालों में बहुत से लोगों को भर्ती भी होना पड़ा। खूनी दस्त और उल्टी बहुत से रोगियों में देखी गई।

कडवी लौकी के जहरीले प्रभावों के मामलों से निम्न का पता चलता है:

  • बायोकेमिकल जांच ने कडवी लौकी को पीने वाले लोगों में यकृत एंजाइमों के ऊंचे स्तर का खुलासा किया।
  • 50 प्रतिशत से अधिक रोगियों में हाइपोटेंशन हुआ।
  • एंडोस्कोपिक निष्कर्षों ने अधिकांश मामलों में एसोफैगस, पेट और डुओडेनम में अत्यधिक अतिसंवेदनशीलता के साथ पेट में भारी रक्तस्राव दिखाया।
  • उच्च टीएलसी स्तर देखा गया।
  • जिगर एंजाइमों (एसजीपीटी और एसजीओटी) को बढ़ जात है जो या तो साइटोटोक्सिक प्रभाव या यकृत के लिए आइसियामिया के लिए जिम्मेदार है।

लौकी कुकुर्बिटेसा परिवार, की सदस्य है तथा कडवी लौकी में जहरीले टेट्रासाइक्लिक ट्राइटरपेनोइड यौगिक होते हैं जिन्हें क्यूक्रबिटैसिन्स कहा जाता है। यह यौगिक लौकी के कड़वे स्वाद के लिए जिम्मेदार होते हैं। क्यूक्रबिटैसिन के उच्च स्तर पर्यावरण तनाव से ट्रिगर होते हैं, जैसे उच्च तापमान, विस्तृत तापमान स्विंग या बहुत कम पानी, असमान पानी मिलना, कम मिट्टी की उर्वरता और कम मिट्टीपी एच।

इन यौगिकों की विषाक्तता के लिए कोई ज्ञात एंटीडोट नहीं है और लक्षण के आधार पर चिकित्सक इलाज करते हैं।

उपचार और परिणाम

लौकी की विषाक्तता के सभी मामलों में 1 से 12 दिनों तक रहने की अवधि के साथ अस्पताल में भर्ती की आवश्यकता होती है। 1 से 4 दिनों के लिए गहन देखभाल इकाई में रखना पड़ सकता है। सभी रोगियों में गुर्दे और यकृत कार्य सामान्य हो जाते हैं और एंडोस्कोपी पर म्यूकोसल परिवर्तन 7 दिनों के भीतर सामान्य हो जाते हैं।

लौकी के रस निकालने से पहले लौकी के एक छोटे टुकड़े को टेस्ट किया जाना चाहिए ताकि यह कड़वा न हो। अगर कड़वा, इसे फेंक दिया जाना चाहिए। लौकी के रस को किसी अन्य रस के साथ मिश्रित नहीं किया जाना चाहिए। पीने के बाद यदि असुविधा हो (मतली, उल्टी, दस्त या बेचैनी की कोई भावना), तो व्यक्ति को तुरंत पास के अस्पताल ले जाना चाहिए।

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