चंद्रप्रभावटी का उपयोग और लेने का तरीका

चंद्रप्रभा वटी एक आयुर्वेदिक दवाई है जो कई जड़ी और भस्म को मिलकर बने गई है, चंद्रप्रभा वटी कई रोगों में बहुत ही लाभकारी है जैसे स्त्रीरोग, गठिया, पीलिया, मधुमेह, मूत्रविकार, बवासीर, कमरदर्द इत्यादि। जानिये पतंजलि और बैद्यनाथ चंद्रप्रभा वटी के फायदे, परहेज, साइड इफेक्ट्स, कैसे लेना चाहिए और इसकी प्राइस के बारे में।

आयुर्वेदिक दवाई चंद्रप्रभा वटी, बहुत प्रकार के रोगो के इलाज मे काम आती है। यह एक ब्रॉड स्पेक्ट्रम दवाई है। यह एक प्रसिद्ध classical दवा है।

चन्द्रप्रभा का शाब्दिक अर्थ है चन्द्र=चंद्रमा जैसी प्रभा= चमक तो जिस वटी को लेने से चन्द्रमा जैसी चमक आए उसे चन्द्रप्रभा वटी कहते हैं। चन्द्रप्रभा वटी को खाने से शरीर मे चमक, बल ताकत और शक्ति आती है।

चंद्रप्रभा वटी आदमियों रोग, स्त्रियों के रोग, गठिया, पीलिया, मधुमेह, मूत्रविकार, बवासीर, कमरदर्द, मे आदि में दी जाती है। इसके सेवन से शरीर के तीनों दोष वात, पित्त, कफ, के बीच संतुलन बना रहता है। चन्द्रप्रभा टेबलेट्स को मूत्रकृच्छ,पेशाब रुक जाना, किडनी स्टोन, बार बार पेशाब आना, मूत्र नहीं रोक पाना, प्रोस्टेट बढ़ना, पुरुष बांझपन, नपुंसकता, स्वप्न दोष, मधुमेह, कष्टार्तव (दर्दनाक माहवारी), चिंता, मानसिक तनाव, और डिप्रेशन में भी दिया जाता है।

चंद्रप्रभा वटी के उपयोग

चंद्रप्रभा गुलिका, चंद्रप्रभा वाटिका, चंद्रप्रभा टेबलेट्स,  गुर्दे, मूत्राशय, मूत्र पथ, जोड़ों और थायरॉयड ग्रंथि पर काम करती है। इसे डायबिटीज, आदमियों की समस्या, औरतों की समस्या, और मानसिक रोगों में भी लिया जाता है।

चंद्रप्रभा वटी (Chandraprabha Vati) स्वास्थ्य की निम्नलिखित रोगों के उपचार में प्रयोग किया जाता है:

  • कष्टार्तव (दर्दनाक माहवारी)
  • गठिया
  • गर्भाशय की रसौली और ग्रंथियां
  • गर्भाशय से अत्यधिक खून बहना
  • गुर्दे की पथरी
  • घुटने का दर्द
  • चिंता
  • डायबिटीज मधुमेह
  • डिप्रेशन – अवसाद
  • थकान
  • पीठ दर्द
  • पुरुष नपुंसकता (अश्वगंधा और कौंच पाक के साथ)
  • पुरुष बांझपन
  • पेशाब में प्रोटीन, एल्ब्यूमिन
  • प्रोस्टेट बढ़ना
  • बार बार गर्भपात हो जाना
  • बार बार पेशाब आना
  • महिला बांझपन
  • मांसपेशियों पेशी का दर्द
  • मानसिक तनाव
  • मूत्र असंयम
  • मूत्र में शर्करा
  • मूत्रकृच्छ (पेशाब करने में परेशानी)
  • मूत्राघात (पेशाब करने में रुकावट)
  • शराब पीने के कारण होने वाला उच्च रक्तचाप
  • शारीरिक कमजोरी
  • संधिवात
  • सामान्य दुर्बलता
  • स्तंभन दोष (अश्वगंधा के साथ)
  • स्वप्न दोष
  • हृदय की धड़कन बढ़ना

चंद्रप्रभा वटी के फायदे

चंद्रप्रभा वटी को मूत्र मार्ग और अन्य विकारों के लिए उपयोगी है। यह पौरुष ग्रंथि की वृद्धि में भी उपयोगी है।

चंद्रप्रभा वटी ठीक करे प्रजनन अंगों के काम को

चंद्रप्रभा वटी को महिला और पुरुष दोनों के बांझपन में दिया जाता है। यह इनफर्टिलिटी के उन केस में फायदेमंद हैं जहाँ बांझपन का कारण पानी के चैनलों में पानी का ठहराव हो जाता है। इसे पुरुषों मेंspermatorrhoea, spermaturia, impotence और premature ejaculation होता है जबकि महिला में salpingitis, ovarian cysts, leucorrhoea menstrual irregularity  आदि लक्षण होते हैं। चंद्रप्रभा वटी के सेवन से पानी का भराव कम होता है और अंगों के ठीक से रूप काम करने में मदद होती है।

चंद्रप्रभा वटी बढाए बल

चंद्रप्रभा वटी, शारीरिक शक्ति मे वृद्धि करती है। इसके सेवन से थकान कम होती है। यह सम्पूर्ण स्वस्थ टॉनिक के रूप मे प्रयोग की जाती है। यह मानसिक थकान और तनाव भी कम करती है।

चंद्रप्रभा वटी घटाए यूरिक एसिड

चंद्रप्रभा वटी बढ़े हुए यूरिक एसिड को कम करती है। मूत्रल गुणों से यह शरीर से क्रिएटिनिन, यूरिया और यूरिक एसिड हानिकारक पदार्थो को बाहर निकालने मे मदद करती है। यह किडनी फंक्शन ठीक करती है।

चंद्रप्रभा वटी कम करे दर्द

चंद्रप्रभा वटी शरीर में सूजन और दर्द को कम करती है। यह दर्दनिवारक है और घुटनो के दर्द,जोड़ो के दर्द, सूजन, मासिक धर्म के समय होने वाले दर्द,ऐठन और पेडू के दर्द को भी कम करती है।

चंद्रप्रभा वटी प्रोस्टेट हाइपरट्रोफी (पौरुष ग्रंथि) के लक्षणों में दे लाभ

चंद्रप्रभा वटी को प्रोस्ट्रेट के बढ़ जाने में लिया जाता है। इसे लेने से पेशाब की जलन, पेशाब के दौरान दर्द, और पेशाब का रुकना आदि लक्षण दूर होते हैं।

चंद्रप्रभा वटी दे पुरुषों को ताकत

चंद्रप्रभा वटी प्रजनन अंगों पर काम करती है और इन्हें बल देती है। पुरुषों की कमजोरी, कम शुक्राणु, और प्रदर्शन की समस्या में इसेअश्वगंधा चूर्ण और कौंच पाक के साथलेते हैं।

चंद्रप्रभा वटी है पेशाब रोगों में उपयोगी

चंद्रप्रभा वटी मूत्रल है और मूत्र संबंधी और प्रजनन अंगों के रोगों में लाभप्रद है। पुरुषों में बढ़ी हुई प्रोस्ट्रेट ग्रंथि के कारण होने वाले पेशाब सम्बन्धी विकारों इसका सेवन लाभप्रद होता है। बार बार पेशाब आना, पेशाब का फ्लो ठीक नहीं होना, पेशाब बूँद बूँद गिरना,  आदि में इसे लेने से लक्षणों में सुधार होता है। ब्लैडर में सूजन या इन्फेक्शन आदि में य चंद्रप्रभा वटी को चंदनासव के साथ लेने से बहुत लाभ होता है।

चंद्रप्रभा वटी बनाए स्त्री स्वास्थ्य

चंद्रप्रभा वटी गर्भाशय टॉनिक है। यह कमजोर गर्भाशय को ताकत देती है। इसे गर्भाशय में रसौली, सिस्ट, पॉलीसिस्टिक डिम्बग्रंथि रोग, आदि में उपयोगी है। रोगानुसार इसे रजः प्रवर्तनी वटी,  अशोकारिष्ट और कांचनार गुग्गुल के साथ लेते हैं।

चंद्रप्रभा वटी की खुराक और उपयोग की विधि

  • चंद्रप्रभा वटी को लेने की मात्रा दिन में दो बार, एक से दो गोली है।
  • इसे गुनगुने पानी या दूध के साथ लेना चाहिए।
  • प्रजनन अंगों के रोग में इसे भोजन के पहले लें।
  • अन्य रोगों में भोजन के बाद लें।

 

चंद्रप्रभा वटी का कम्पोजीशन

  • कपूर  Chandraprabha (Karpura) Sublimated Extract 3 g
  • वच Vaca Rhizome 3 g
  • मोथा  Musta Rhizome 3 g
  • भू निम्ब Bhunimba (Kiratatikta) Plant 3 g
  • गिलोय Amrita (Guduci) Stem 3 g
  • देवदारु Daruka (Devadaru) Heart Wood 3 g
  • हल्दी Haridra Rhizome 3 g
  • अतिविश  Ativisha Root 3 g
  • दारुहल्दी Darvi (Daruharidra) Stem 3 g
  • पिप्प्लामूल Pippalimula (Pippali) Root 3 g
  • चित्रक Citraka Root 3 g
  • धनिया Dhanyaka Fruit 3 g
  • हर्रे Haritaki Pericarp 3 g
  • बहेड़ा Bibhitaka Pericarp 3 g
  • आंवला Amalaki Pericarp 3 g
  • चव्य Cavya Stem 3 g
  • विडंग Vidang Fruit 3 g
  • गज पिप्पली Gajapippali Fruit 3 g
  • सोंठ  Sunthi Rhizome 3 g
  • काली मिर्च Marica Fruit 3 g
  • पिप्पली Pippali Fruit 3 g
  • मक्षिका Makshika dhatu bhasma (Makshika) Mineral 3 g
  • यवक्षार Yava kshara (Yava) Plant (Whole) 3 g
  • सज्जीक्षार Sarji Kshara Svarjikshara Alkalli preparation 3 g
  • सेंधा नमक Saindhava lavan Salt 3 g
  • सौर्वाचल नमक Sauvarcala lavan Salt 3 g
  • विड लवन Vida lavan Salt 3 g
  • त्रिवृत Trivrit Root 12 g
  • दंती Danti Root 12 g
  • तेजपत्ता Patraka (Tejapatra) Leaf 12 g
  • दालचीनी Tvak Stem bark 12 g
  • एला Ela (Sukshmaila) Seed 12 g
  • वंशलोचन Vanshlochan Silicacious Concretion 12 g
  • लोहा loha (Lauha) bhasma 24 g
  • चीनी Sita  48 g
  • शिलाजीत Shilajeet  96 g
  • गुग्गुलु Guggulu (Exd)  96 g

चंद्रप्रभा वटी के साइड इफेक्ट्स

  • यह सेफ दवा है।
  • इसे लेने का कोई गंभीर साइड इफेक्ट ज्ञात नहीं है।
  • इसे लेने से शरीर में गर्मी बढ़ सकती है।
  • इसे गैस की समस्या हो सकती है।
  • इससे शरीर में ड्राईनेस बढती है।
  • अधिकता में लेने से पित्त की अधिकता हो सकती है।
  • इसका मूत्रल गुण है और पेशाब अधिक आता है।

विषाक्तता

ज्ञात नहीं है।

एलर्जी प्रतिक्रियाएं (एलर्जी)

ज्ञात नहीं है।

गर्भावस्था और स्तनपान

गर्भावस्था और स्तनपान के दौरान इसे बिना डॉक्टर की सलाह के नहीं लेना चाहिए।

इसे कब नहीं लें? Contraindications

  • इसे किडनी रोग में बिना डॉक्टर की सलाह इ नहीं लें।
  • प्रेगनेंसी में इसे नहीं लें।

One Comment

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