हिमालया सिस्टोन सिरप व टेबलेट से गुर्दे की पथरी का इलाज

गुर्दे की पथरी को भंग करने के लिए हिमालय सिस्टोन Himalaya Cystone रामबन आयुर्वेदिक हर्बल दवाई है, जानिये हिमालय सिस्टोन सिरप और टेबलेट को लेने का तरीका और इससे नुकसान क्या हो सकता है। जानिये क्यों आप को गुर्दे की पथरी के लिए सिस्टोन जरूर ट्राई करनी चाहिए।

हिमालया एक जानी मानी फार्मेसी है जो उत्तम क्वालिटी की आयुर्वेदिक दवाएं बनाती है। हिमालया ने पेशाब के रास्ते और किडनी की पथरी के लिए, सिस्टोन नाम की दवा बनाई है। अगर गुर्दे में स्टोन हो तो इसे इस्तेमाल करके ज़रूर देखना चाहिए। गुर्दे की पथरी को अगर आप निकलवा भी देते हैं तो यह फिर से बन सकती है। इसलिए स्टोंस फिर से नहीं बने इसके लिए भी इसे ले सकते हैं।

सिस्टोन की टेबलेट्स और सिरप मिलते हैं। दोनों के फोर्मुले में अंतर है लेकिन दोनों का इस्तेमाल किडनी स्टोन में करते हैं। यह दवाई गाल ब्लैडर की पथरी में काम नहीं करेगी। गाल ब्लैडर में जो पथरी होती है उसके शरीर से भार निकलने का रास्ता नहीं होता। लेकिन पेशाब के रास्ते की पथरी, पेशाब के साथ शरीर से बाहर आ सकती है। इस दवा का असर पथरी के साइज़ और लोकेशन पर भी निर्भर है। यदि पथरी छोटी है तो दवा से ही ठीक हो सकती है।

हिमालया सिस्टोन पेशाब के फ्लो को बेहतर करता है और किडनी के सही फंक्शन में मदद करता है। इस दवा को आप फार्मेसी स्टोर से खरीद सकते हैं या ऑनलाइन मंगा सकते हैं।

हिमालया सिस्टोन के लाभ Health Benefits of Himalaya Cystone

हिमालया सिस्टोन, पथरी की दवाई है तथा इसमें एंटीमाइक्रोबियल, कूलिंग, मूत्रवर्धक, लिथोट्रिपिक,एंटीलिथिएटिक,

गुण हैं। इसे लेने से पथरी गलती है और पेशाब के रास्ते शरीर से निकल जाती है।

सिस्टोन फायदा करे गुर्दे की पथरी में

सिस्टोन पेशाब के रस्ते की पथरी के लिए विशेष दवाई है। इसमें स्टोंस को गलाने के गुण है। गल कर छोटी हुई पथरी पेशाब के साथ शरीर से बाहर चली जाती है। इसे लेने से पेशाब की मात्रा और फ्लो सही होता है जिससे पथरी से छुटकारा पाने में मदद होती है। कैल्शियम ऑक्सलेट, यूरिक एसिड या कैल्शियम और फॉस्फेट की पथरी हो तो इसका इस्तेमाल करके देखें। यह पेशाब में क्रिस्टल जाने की समस्या में भी फायदा करती है। क्रिस्टल की समस्या में इसे चंद्रप्रभा वटी के साथ लेते हैं।

सिस्टोन रोके पथरी का बार बार बनना

सिस्टोन पथरी को बनने से रोकता है और घुला कर उसे बाहर निकालने में मदद करता है।

सिस्टोन में है सिस्टोन मूत्रल गुण

सिस्टोन में मूत्रवर्धक या डायरेक्टिक्स है और शरीर से पानी निकालने में मदद करता है।

सिस्टोन दे पेशाब की जलन से राहत

सिस्टोन लेने से पेशाब में जलन की समस्या दूर होती है। इसके एंटीमाइक्रोबियल गुण से पेशाब के रास्ते के संक्रमण यूटीआई में इसे लेने से जलन और इन्फेक्शन में फायदा होता है। इसके कूलिंग गुण से पेशाब करते समय जलन कम होने लगती है।

सिस्टोन करे पेशाब का pH ठीक

सिस्टोन, मूत्र pH को सही करता है।

सिस्टोन करे सही किडनी का फंक्शन

सिस्टोन को लेने से किडनी के सही फंक्शन में सहयोग होता है।

सिस्टोन से पेशाब रास्ते की सूजन में हो फायदा

सिस्टोन में सूजन कम करने और एंटीमिक्रोबियल गुण है। यूरिनरी सिस्टम की सूजन में इसे लेने से फायदा होता है।

सिस्टोन को किन रोगों में ले सकते हैं?

  • गुर्दे की पथरी kidney stones
  • पथरी फिर से नहीं हो
  • मूत्र में क्रिस्टल क्रिस्टलयूरिया
  • मूत्र समस्या
  • मूत्र मार्ग में संक्रमण यू टी आई
  • मूत्रमार्ग की सूजन और जलन
  • पेशाब में जलन

सिस्टोन को लेने की मात्रा क्या है?

  • सिस्टोन बच्चों और बड़ों, दोनों के द्वारा ली जा सकती है।
  • अगर गोली ले रहें है तो बड़े २ टेबलेट लें और बच्चे को इसकी आधी खुराक यानि एक गोली दें।
  • अगर सिरप है तो बड़े 10 मिलीलीटर ले सकते हैं और बच्चों को आधी खुराक 5 ml दें।
  • दवा को खाली पेट लें।
  • डॉक्टर की राय के अनुसार से दिन में २ से ३ बार लें और कम से कम तीन चार महीने लें।
  • दवा सही मात्रा में लेने के लिए डॉक्टर से कंसल्ट करें। वे आपकी उम्र, पथरी के आकार, लोकेशन और स्वास्थ्य तथा अन्य किसी रोग के आधार पर राय देंगे।

सिस्टोन के साइड इफेक्ट्स

  • यह एक सेफ दवा और इसके किसी विशेष साइड इफ़ेक्ट के बारे में ज्ञात नहीं है।
  • इसको लेने से पेशाब ज्यादा आता है।
  • मूत्रल होने से उच्च रक्तचाप, उच्च रक्तचाप, ग्लूकोमा में इसके इस्तेमाल से पहले अपने डॉक्टर की राय लें।
  • दवा की ओवरडोज़ नहीं करें।

सिस्टोन के सिरप और गोली का कम्पोजीशन

सिस्टोन की हर गोली में है:

  • शिलापुष्प 130mg
  • पाषणभेद 98mg
  • मंजिष्ठ 32mg
  • नागरमोथा 32mg
  • अपामार्ग 32mg
  • गोजिवा 32mg
  • सहदेवी 32mg
  • शिलाजीत 26mg
  • हजरूल यहूद भस्म 32mg

सिरप के 5ml में है:

  • गोखरू 91mg
  • पुनर्नवा 67mg
  • मंजिष्ठ 32mg
  • पाषणभेद 53mg
  • मोथा 42mg
  • कुलथा 21mg
  • शतावर 20mg
  • उशीर 21mg
  • कर्चुर 14mg
  • सेंधा 50mg
  • सुवार्चिका 42.5mg
  • यवक्षार 5mg
  • नर्सरा 2.5mg

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