कौंच पाक के फायदे और नुकसान

आयुर्वेद कौंच पाक में केवांच, अग्र, जयपाल, जावित्री, लवांग, दल्चिनी, नागकर, शीटल चिनी, समंद्रा सोश, बिल्वा, रस सिंदूर, नाग भस्म, भांग भस्म, लोह भस्म और शहद शामिल हैं। यह पुरुष बांझपन उपचार में प्रयोग किया जाता है। यह शुक्राणुओं की संख्या और गुणवत्ता में सुधार करता है।

यौन शक्ति और कामेच्छा को बढाने के बहुत से टॉनिक है और उन्ही में से एक है कौंच पाक। हर्बल आयुर्वेदिक कोंच पाक को खाने से पूरे शरीर में ताकत आती है और थकावट कम होती है। इसे लेने से शरीर में सप्त धातु की बढ़ोतरी होती है जिससे सभी अंगों की कार्यक्षमता ठीक होती है।

यौन स्वास्थ्य ठीक रहे इसके लिए ज़रूरी है शरीर स्वस्थ्य हो। ताकत नहीं है, सुस्ती है या दर्द है अथवा दिमाग में स्ट्रेस है तो निश्चित रूप से सेक्सुअल हेल्थ पर असर होगा ही। ठीक से खाना पीना नहीं खाते तो शरीर में ज़रूरी पोषक तत्वों की कमी के साथ ही हॉर्मोन का भी सही से उत्पादन नहीं होगा। हॉर्मोन का सही उत्पादन नहीं होगा तो मर्दाना कमजोरी, स्वप्न दोष, धात गिरना, इनफर्टिलिटी, आदि दिक्कतें हो सकती है। इसलिए, यौन स्वास्थ्य अच्छा हो इसके लिए अच्छा शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य ज़रूरी है और अच्छे स्वास्थ्य के लिये पुरुष कौंच पाक टॉनिक ले सकते हैं।

कौंच पाक को कौंच, दुग्ध , घृत , वंशलोचन, मूसली , जीरा , लवंग , जीवन्ति , जतिफल , करंज गिरी , प्रियंगु , गजपिप्पली , बिल्व , अजोवन , अकरकरा , समुद्र शोष, त्रिकटु (पिप्पली , काली मिर्च , शुंठी) और चतुर्जात (तेजपत्र , दालचीनी , इलाइची , नागकेसर) से बनाया जाता है। इसे खाने से सेक्स के लिए मन नहीं करना, शीघ्रपतन, मेल सेक्सुअल वीकनेस आदि में फायदा होता है। यह सीमन और स्पर्म में भी सुधार लाने वाली दवा है।

कौंच पाक के फायदे

कौंच पाक के सेवन से सीरम टेस्टोस्टेरोन, लुटीनाइज़िंग luteinizing हार्मोन, डोपामाइन, एड्रेनालाईन, आदि में सुधार होता है। यह शुक्राणुओं की संख्या और गतिशीलता में भी उचित सुधार करता है। मानसिक तनाव, नसों की कमजोरी, टेस्टोस्टेरोन के कम लेवल आदि में इसके सेवन से बहुत लाभ होता है।

कौंच पाक बढ़ाए कामेच्छा और प्रजनन क्षमता

कौंच पाक को खाने से पुरुष हो या महिला, कामेच्छा और प्रजनन क्षमता में सुधार आता है। यह प्रजनन अंगों को ताकत प्रदान करता है और फर्टिलिटी बढ़ाता है। इसे खाने से महिला के गर्भाशय की पेशियाँ मजबूत होती है जिससे गर्भावस्था होने के आसार बढ़ते है। यह महिला के लिए टॉनिक के रूप में कार्य करता है तथा मासिक धर्म चक्र में सुधार करने में सहायक है।

जब पुरुष इसे खाता है तो इससे टेस्टोस्टेरोन बढ़ता है, स्पर्म की मात्रा और गुणवत्ता सुधरती है और सेक्स पॉवर बढती है। यह विशेष रूप से यौन कार्य और पुरुषों में वीर्य की गुणवत्ता में सुधार के लिए प्रयोग किया जाता है। यह हाइपोथैलेमस, पिट्यूटरी और गोनड अक्ष पर अपनी क्रिया से पुरुष प्रजनन क्षमता में सुधार करता है। इसके सेवन से शीघ्रपतन, वीर्य सम्बंधित परेशानियों, कमजोरी आदि रोगों में लाभ होता है और स्पर्म काउंट बढ़ता है।

कौंच पाक है वाजीकारक

कौंच पाक को खाने से सेक्स करने की इच्छा में वृद्धि होती है। यह शरीर में हैप्पी हॉर्मोन को बढ़ाती है जिससे स्ट्रेस कम होता है और मूड सही होता है। शरीरिक रूप से शरीर में एनर्जी आती है जिससे थकावट नहीं होती और यह सब लिबिडो में सुधार लाता है।

कौंच पाक है नसों के लिए टॉनिक

कौंच पाक को तंत्रिका टॉनिक के रूप में प्रयोग किया जाता है। इसे खाने से नसे मजबूत होती है।

कौंच पाक से सुधरता है मूड

मुकुना एल-डोपा (एल -3,4-डाइहाइड्रोक्साइफेनिलालाइनाइन) के उत्पादन के लिए एक अच्छा स्रोत है। एल-डीओपीए डोपामाइन के लिए एक सीधा अग्रदूत है, और इसके पूरक शरीर में डोपामाइन के स्तर को बढ़ा सकते हैं। यह तनाव कम कर देता है।

कौंच पाक से बढती है इम्युनिटी

कौंच पाक पौष्टिक टॉनिक है। इसे खाने से जीवन शक्ति, शक्ति और सहनशक्ति को बढ़ाती है। यह ताकत और प्रतिरक्षा में सुधार करता है। यह एक टॉनिक है जो उत्सर्जन और सामान्य दुर्बलता को ठीक करता है।

केवांच पाक के महत्वपूर्ण चिकित्सीय उपयोग

  • कफ असंतुलन के कारण रोग
  • कम लिबिडो
  • कम शक्ति
  • तंत्रिका कमजोरी
  • धात गिरना
  • नपुंसकता, शुक्राणुरोधी
  • पानी जैसा पतला सीमन
  • पुराना मूत्र पथ संक्रमण
  • यौन कमजोरी
  • वीर्य अपने आप बिना कारण निकल जाना
  • सहनशक्ति का नुकसान
  • सोते में वीर्य निकल जाना
  • स्पर्म की कमी
  • स्वास्थ्य टॉनिक के रूप में

केवांच पाक की खुराक

दूध के साथ एक चम्मच लें। सुबह और शाम को इस दवा को दिन में दो बार लिया जा सकता है।

या चिकित्सक द्वारा निर्देशित के रूप में लें।

कौंच पाक के नुकसान

इसके सेवन से मोटापा बढ़ सकता है।

यह पचने में भारी है।

कौंच पाक का कम्पोजीशन और बनाने का तरीका

केवांच के बीज – 1.536 किलो लेते हैं और चौगुना पानी इसमें डालते है और 12 घंटे उबालते है।

उबालने के बाद इसे कपड़े से छानते हैं जिससे सारा फाइबर निकल जाता है और बीजों की गिरी का पेस्ट मिलता है। इस पेस्ट को सुखा कर पाउडर बना कर रख लेते हैं।

कौंच का यह पाउडर 12.288 लीटर दूध में दाल कर उबालते हैं। जब यह 3।072 लीटर तक कम हो जाता है तो इसमें 1।536 किलोग्राम घी डालते हैं। इसे तब तक पकाते हैं जब तक यह पेस्ट जैसा नहीं हो जाए।

इसमें अब निम्नलिखित सामग्री 12 ग्राम में जोड़ दी जाती है।

  • आंवला
  • सोंठ
  • लवंग
  • गोखरू
  • केशर
  • मोथा
  • कबाब चीनी
  • बला
  • वंश लोचन
  • वंग भसम
  • अभ्रक भस्म और चीनी।

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