कुमकुमादि तेल (Kumkumadi Oil) को लगाने के फायदे और तरीका

कुमकुमादि तेल (कुंकुमादि तैलम) एक आयुर्वेदिक तेल है जो स्वस्थ, गोरी और सुन्दर त्वचा के लिए बहुत ही फायदेमंद है। यह तेल बहुत ही महंगा होता है और इसको लगाते समय कुछ सावधानी बरतनी पड़ती है। जानिये कुमकुमादी तेल के फायदे, लगाने का तरीका और प्राइस।

आयुर्वेदिक कुमकुमादि तैलम या कुमकुमादि तेल, एक क्लासिकल ब्यूटी आयल है जिसे चेहरे की मालिश करने और दाग धब्बे हटाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इसमें केसर, हल्दी, दारुहल्दी, मुलेठी, चन्दन, रसना, गाय का दूध आदि हैं जोकि त्वचा के लिए विशेष रूप से उपयोगी है। इसके द्रव्यों को तिल के तेल में पकाया गया है। इस मेडिकेटेड आयल की कुछ बूंदों से मालिश करने से चेहरे पर से दाग धब्बे, झुर्रियां, ड्राईनेस, झाईं आदि में फायदा होता है।

कुमकुमादि तैलम में केसर होने से कुछ लोग इसे केसर का तेल कह देते हैं लेकिन यह केसर का तेल नहीं बल्कि तिल के तेल में केसर समेत अन्य चमड़ी के लिए उपयोगी जड़ी बूटियों (नाग केसर, हल्दी, कमला, लाक्षा, चन्दन, मंजिष्ठा, मधु, तेजपात, पलाश कुसुम, पेड़ की हल्दी, सुरभि, पायस, वच, उशिरा, कूठ।गोरोचन, गो दुग्धआदि) को पका कर बनता है।

आजकल जहाँ मार्किट में तरह तरह के ब्यूटी आयल-क्रीम और लोशन उपलब्ध हैं वहां प्रश्न है कि क्यों हमे कुमकुमादी तेल को इस्तेमाल करना चाहिए। उत्तर भी साफ़ है, यह तेल पूरी तरह से हर्बल है और इसमें हार्श केमिकल्स नहीं हैं। इसे आप लम्बे समय तक रोजाना इस्तेमाल कर सकती हैं। स्ट्रोंग केमिकल्स का इस्तेमाल आपकी त्वचा को बेजान कर सकता है जबकि हर्बल प्रोडक्ट काफी सेफ होते हैं।

कुमकुमादि तैलम को आप नियमित रूप से रात को सोते समय लगा सकते हैं। ऐसा करने से चेहरे से दाग धब्बे के निशान लाइट होने लगते हैं। हल्दी। दारुहल्दी, चन्दन, मुलेठी, दूध आदि से स्किन की डार्कनेस दूर होती है। जब त्वचा साफ़ होती हैं तो गोरापन और निखार आता है।

हमारे चेहरे की स्किन शरीर के बाकी हिस्सों की तुलना में मुलायम और डेलिकेट होती है। यह हमेशा ही धूल धूप, पोलुशन, हवा आदि के संपर्क में आती हैं। शरीर के बाई हिस्से तो कपड़ों से ढके भी रहते हैं लेकिन चेहरे की स्किन सर्दी-गर्मी-बरसात सभी में ओपन ही रहती है। समय के साथ यदि ठीक से देखभाल नहीं की जाए तो यह डल, रूखी और बेजान लगने लगती है।  फेशियल स्किन केयर के लिए यह आयल एक अच्छी आप्शन है।  इसे लगाने से  सूरज के किरणों से होने वाली स्किन प्रोब्लम जैसे सनबर्न-सनटैनिंग, रैश, गर्मी के दाने आदि में फायदा हो सकता है। लेकिन, क्योंकि यह एक तेल है गर्मी में इस्तेमाल कर रहे हैं तो इसे कम देर तक ही त्वचा पर रखना चाहिए।

कुंकुमादि तैलम को चेहरे पर लगाने के फायदे Benefits Of Kumkumadi Tailam

कुंकुमादि तैलम में एंटीऑक्सीडेंट,  एंटीमाईक्रोबिअल, एंटीइन्फ्लेमटरी, सनस्क्रीन, और एंटी हाइपरपिगमेंटेशन गुण है जिससे यह त्वचा की विभिन्न कंडीशन में लाभ करता है। यह हर्बल प्रोडक्ट है और आयुर्वेद का क्लासिकल फार्मूलेशन है। इसे हर प्रकार की त्वचापर लगा सकते हैं लेकिन यह विशेष रूप से ड्राई स्किनके लिए फायदेमंद है। स्किन पर काले धब्बे, काले घेरे, निशान, और हाइपरपिगमेंटेशन हो तो इसका इस्तेमाल करें।

कुंकुमादि तैलम पहले इस्तेमाल करके देखें, यदि:

  • काले घेरे
  • कील मुँहासे
  • धब्बे
  • ब्लैक स्पॉट या ब्लैक मार्क्स
  • मुँहासे
  • हाइपरपिगमेंटेशन
  • चेहरे की रंगत बाकी शरीर से डार्क है

काले घेरे को करे हल्का

कुंकुमादि तैलम आंखो के नीचे होने वाले काले घेरो जिसे अंडर ऑय डार्क सर्किल कहते हैं, को दूर करता है।

मदद करे सनटैनिंग में

कुंकुमादि तेल में त्वचा की रंगत सुधारने वाली जड़ी बूटियाँ हैं,जिससे त्वचा मे होने वाली टेनिंग कम होती है।

झुर्रियों को रोके

कुंकुमादि तेल एक आयल बेस्ड फार्मूलेशन है। इससे चेहरे की मालिश करने से स्किन नरम होती है और त्वचा की इलास्टिसिटी बनी रहती है और झुर्रियों नहीं पड़ती।  यह तेल त्वचा को  स्वस्थ और चमकदार बनाता है।

यह हर्बल एंटीएजिंग आयल है तथा त्वचा को जवां बनाए रखता है।

पिम्पल में करे फायदा

यह तेल है लेकिन फिर भी मुहांसों में फायदा कर सकता है। ऐसा इसके  एंटीबायोटिक,   एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इन्फ़्लमेटरी गुण के कारण होता है। पिम्पल से त्वचा में सूजन होती है और बैक्टीरियल इनेक्तिओन का खतरा रहता है। इसे तेल से मालिश एक्ने से होने वाली सूजन को कम करता है।

त्वचा को करे साफ़

कुंकुमादि तेल से जब आप फेस मसाज करते हैं तो डेड स्किन हट जाती है और त्वचा साफ और चमकदार लगने लगती है। तेल के मालिश से ब्लड सर्कुलेशन भी अच्छा रहता है।

हाइपर पिगमेंटेशन को करे हल्का

हाइपर पिगमेंटेशन होने से त्वचा डार्क हो जाती है। ऐसे में इस तेल का इस्तेमाल करने से लाभ होता है क्योंकि यह मेलानिन की मात्रा को कम करता है। चेहरे की झाइयाँ इसे लगाने से हल्की होती है।

ड्राईनेस करे दूर

यह एक तेल है और तेलों का गुण होता है ड्राईनेस को दूर करना। कुंकुमादि तेल को मॉइस्चराइजर (Moisturizer) के रूप प्रयोग कर सकते हैं।

नेचर की गुडनेस

यह तेल हर्बल है और सदियों से इस्तेमाल की जा रही जड़ी बूटियों इ समय तक इस्तेमाल कर सकते हैं।

कुंकुमादि तेल को इस्तेमाल करने का तरीका

चेहरा करें साफ़

पहले अच्छे से चेहरे को साबुन और ठन्डे पानी से धो लें। फिर तौलिया से पैट ड्राई कर लें। रगड़ कर नहीं पोंछे।

तेल को लें

तेल की केवल कुछ बूँदें ऊँगली पर लें।

मालिश करें

उँगलियों को 15 मिनट तक गोल और ऊपर घुमाते हुए चेहरे की मालिश करें।

ड्राई स्किन वाले बेहतर परिणाम के लिए रात में चेहरे की मालिश करें और सुबह मुह धो लें। ऑयली स्किन वाले  एक दो घंटे चेहरे पर रखें और फिर धो लें।

करें नियमित प्रयोग

  • इस तेल का नियमित रूप से कुछ महीनों के तक दिन में एक से दो बार प्रयोग करें।
  • इसे तुरंत न धोएं बल्कि कम से कम 1-3 घंटे चेहरे पर असर करने के लिए रहने दें।

कुंकुमादि तेल का नस्य (ननक में कैसे डालें)

  • नस्य के लिए 5-10 बूँदें नाक में डाली जाती हैं।
  • नस्य हाइपरपिगमेंटेशन, धब्बों, काले निशान, झुर्रियों, आँखों के नीचे काले घेरे और समय से पहले सफ़ेद हो रहे बालों  में किया जाता है।
  • नस्य के लिए डॉक्टर से परामर्श करना चाहिए और प्रोडक्ट लेबल को आंतरिक इस्तेमाल के लिए उपयुक्तता के लिए चेक किया जाना चाहिए।

कुंकुमादि तेल के साइड इफेक्ट्स

  • तेल का उपयोग करने से पहले, एलर्जी की जाँच करने के लिए कम त्वचा क्षेत्र पर लगा कर देखें।
  •  यह एक तेल है, ऑयली त्वचा में इसे कम देर तक कम मात्रा में इस्तेमाल करना चाहिए।
  • अगर इसे लगाने से एलर्जिक रिएक्शन हो या पिम्पल होने लगें तो इस्तेमाल बंद कर दें।

Kumkumadi Tailam पतंजलि

यह तेल पतंजलि के द्वारा अभी तक नहीं बनाया जा रहा है।

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